बीडीएस सेकेंड ईयर का छात्र हारिश अली अरेस्ट (Photo: Santosh sharma/ITG) उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सहारनपुर के एक युवक को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन Islamic State of Iraq and Syria (ISIS) से जुड़ा हुआ था और कथित तौर पर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। आरोपी की पहचान हारिस अली के रूप में हुई है, जो पेशे से डेंटल की पढ़ाई कर रहा था। एटीएस के अनुसार, हारिस अली सहारनपुर का रहने वाला है और बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) का छात्र बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों को लंबे समय से उसके संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसी के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। ऑनलाइन कट्टरपंथ की ओर झुकाव जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, वह इंटरनेट पर ऐसे कई प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ था जहां चरमपंथी सामग्री साझा की जाती थी। एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी नियमित रूप से ऐसे चैनलों और ग्रुप्स में सक्रिय था जहां आतंकी संगठन से जुड़ी सामग्री, वीडियो और प्रचार संदेश साझा किए जाते थे। धीरे-धीरे वह इस विचारधारा से प्रभावित होता गया और कथित तौर पर संगठन के समर्थकों से संपर्क में भी आया। आतंकी मॉड्यूल से संपर्क के संकेत जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी का संपर्क कुछ ऐसे लोगों से था जो पहले से ही आतंकी गतिविधियों के शक के दायरे में थे। बताया जा रहा है कि वह एक ऑनलाइन मॉड्यूल का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहा था, जो भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहा था। एटीएस के मुताबिक, आरोपी ने कई बार एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए बातचीत की थी। इन चैट्स में संदिग्ध योजनाओं और संभावित टारगेट्स को लेकर भी चर्चा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जांच अभी जारी है और एजेंसी हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। तकनीकी निगरानी से खुला मामला सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को आरोपी की गतिविधियों के बारे में तकनीकी निगरानी के दौरान अहम सुराग मिले थे। उसके डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की गई तो कई संदिग्ध लिंक सामने आए। इसके बाद एटीएस ने एक विशेष टीम गठित की और आरोपी पर नजर रखनी शुरू की। जब पर्याप्त प्रमाण सामने आए, तब कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घर से बरामद हुए डिजिटल सबूत एटीएस की टीम ने आरोपी के घर पर भी तलाशी ली। इस दौरान वहां से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप और कुछ स्टोरेज डिवाइस शामिल हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन उपकरणों में कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिल सकते हैं। फिलहाल इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस स्तर तक आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। Ye bhi pade: वाराणसी में गंगा के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल, विवाद के बाद 14 लोग गिरफ्तार पढ़ाई के साथ संदिग्ध गतिविधियां बताया जा रहा है कि हारिस अली डेंटल की पढ़ाई कर रहा था और सामान्य छात्र की तरह ही जीवन जी रहा था। लेकिन जांच में सामने आया कि पढ़ाई के साथ-साथ वह इंटरनेट पर कट्टरपंथी सामग्री से भी जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियों के लिए यह भी चिंता का विषय है कि शिक्षित युवा भी ऑनलाइन प्रचार के जरिए चरमपंथ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन नेटवर्क पर लगातार निगरानी रख रही हैं। कोर्ट में पेशी और आगे की जांच गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जा सकता है। एटीएस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी ने किसी संभावित हमले की तैयारी की थी या फिर वह केवल संगठन के प्रचार और संपर्क तक ही सीमित था। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन कट्टरपंथ और आतंकी संगठनों की डिजिटल गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी संगठन अब सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। इसलिए ऐसे मामलों की समय रहते पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है। आतंकवाद के खिलाफ सख्ती उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहारनपुर से हुई इस गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं। Post navigation रामघाट रोड होटल कांड: पति ने पत्नी और प्रेमी को रंगे हाथ पकड़ा LPG Row: LPG संकट पर अखिलेश का हमला