LPG Crisis: गैस की लंबी लाइनों को दिखाने मैदान में उतरेंगे सपा कार्यकर्ता, अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला देश के कई हिस्सों में इन दिनों LPG यानी रसोई गैस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य की सरकारों पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि सरकार गैस की कमी को छिपाने की कोशिश कर रही है, जबकि आम लोगों को सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। soursh: the Hindu अखिलेश यादव ने कहा कि रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान हालात में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस की किल्लत पैदा कर उससे जुड़े कुछ लोग कालाबाजारी में लगे हुए हैं। उनके मुताबिक अगर गैस की कमी नहीं है तो फिर जगह-जगह एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें क्यों लग रही हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं को भी इस मुद्दे पर सक्रिय होने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जहां भी गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें दिखाई दें, वहां पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचें और उस स्थिति को जनता और मीडिया के सामने रखें। उनका कहना है कि इस तरह वास्तविक हालात देश के सामने आएंगे और सरकार पर समस्या का समाधान करने का दबाव बनेगा। सपा नेताओं के मुताबिक पार्टी कार्यकर्ता अब अलग-अलग शहरों और कस्बों में जाकर गैस एजेंसियों के बाहर की स्थिति का जायजा लेंगे। जहां भी उपभोक्ताओं की भीड़ या लंबी लाइन दिखाई देगी, वहां की तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक किए जाएंगे। पार्टी का दावा है कि इससे यह स्पष्ट होगा कि गैस की आपूर्ति को लेकर जमीनी स्तर पर क्या स्थिति है। इस पूरे मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर भी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर सत्तारूढ़ दल यह दावा कर रहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है तो उसके नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर लोगों को गैस क्यों नहीं दिलवा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सब कुछ सामान्य है तो फिर लोगों को गैस सिलेंडर के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है। अगर भाजपावाले कह रहे हैं कि ‘गैस’ की कोई कमी नहीं है तो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करनेवाले उनके मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद और करोड़ों कार्यकर्ता और उनके unregistered संगी-साथी (अपने पुराने इतिहास को दोहराते हुए) Underground क्यों हो गये हैं। वो भूमिगत ठिकानों से निकलें… pic.twitter.com/VWZv1xYVZh— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 13, 2026 उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि पहले भी कई संकटों के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कमी से जनता परेशान होती रही है। उनके अनुसार ऐसे समय में सरकार को समस्या स्वीकार कर उसका समाधान करना चाहिए, न कि उसे नकारना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के समय कुछ लोग कालाबाजारी का सहारा लेकर फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। दूसरी तरफ सत्तारूढ़ दल Bharatiya Janata Party ने इन आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि देश में LPG की आपूर्ति सामान्य है और कहीं भी बड़े स्तर पर कमी नहीं है। पार्टी का दावा है कि विपक्ष इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है और लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। बीजेपी के कुछ नेताओं ने यह भी कहा है कि गैस वितरण की व्यवस्था नियमित रूप से चल रही है और यदि किसी जगह अस्थायी समस्या होती भी है तो उसे जल्दी ही ठीक कर लिया जाता है। उनके मुताबिक सरकार लगातार इस बात पर नजर रख रही है कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिलते रहें। Ye bhi pade: वाराणसी में गंगा के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल, विवाद के बाद 14 लोग गिरफ्तार प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि गैस एजेंसियों के माध्यम से सप्लाई की पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। यदि कहीं पर अचानक मांग बढ़ जाती है या सप्लाई में बाधा आती है तो उसे जल्द ठीक करने की कोशिश की जाती है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें गैस सिलेंडर लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं, जिससे उन्हें घंटों खड़े रहना पड़ता है। आम लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जिंदगी में रसोई गैस एक जरूरी जरूरत है, इसलिए इसकी नियमित उपलब्धता बेहद जरूरी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाते हैं। LPG की उपलब्धता को लेकर उठे सवाल भी इसी तरह राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गए हैं। विपक्ष इसे जनता की परेशानी बताकर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार इसे राजनीतिक आरोप बता रही है। फिलहाल LPG की उपलब्धता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में रह सकता है, क्योंकि यह सीधे आम लोगों की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस विषय पर क्या कदम उठाती है और क्या गैस की सप्लाई को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान होता है या नहीं। Post navigation ISIS Link:UP ATS का बड़ा एक्शन सिंगिंग ड्रीम के लिए घर से फरार