गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके स्थित महागुनपुरम सोसाइटी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां 40 वर्षीय राजवीर नाम के व्यक्ति ने 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। लेकिन इस घटना ने तब और रहस्यमय रूप ले लिया, जब पुलिस फ्लैट के अंदर पहुंची और वहां उसकी 70 वर्षीय मां सतनाम कौर का शव बरामद हुआ।

मां-बेटे की रहस्यमयी मौत से हड़कंप.(Photo: Mayank Gaur/ITG)

घटना कैसे सामने आई

यह घटना उस समय सामने आई जब सोसाइटी के लोगों ने एक व्यक्ति को ऊंचाई से गिरते देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान राजवीर के रूप में हुई, जो उसी सोसाइटी के एक फ्लैट में अपनी मां के साथ रहता था।

फ्लैट के अंदर का मंजर

जब पुलिस ने राजवीर के फ्लैट का दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य और भी चौंकाने वाला था। वहां उसकी 70 वर्षीय मां सतनाम कौर का शव पड़ा हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह साफ नहीं हो पाया कि उनकी मौत कैसे हुई। कमरे में किसी तरह के जबरन प्रवेश या लूटपाट के निशान नहीं मिले, जिससे मामला और उलझ गया।

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

सोसाइटी के लोगों के अनुसार, राजवीर और उसकी मां पिछले कुछ समय से अकेले ही रह रहे थे। वे ज्यादा किसी से मिलते-जुलते नहीं थे और काफी शांत स्वभाव के थे। कुछ पड़ोसियों ने बताया कि राजवीर हाल के दिनों में मानसिक रूप से परेशान लग रहा था, हालांकि इसकी पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। लोगों ने यह भी बताया कि घटना वाले दिन किसी तरह का शोर-शराबा या विवाद की आवाज नहीं आई थी, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि फ्लैट के अंदर क्या हुआ।

पुलिस की जांच

पुलिस इस मामले को दो अलग-अलग एंगल से जांच रही है। पहला, यह कि क्या राजवीर ने किसी व्यक्तिगत या मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या की। दूसरा, उसकी मां की मौत के पीछे क्या कारण है—क्या यह प्राकृतिक मौत है, या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह हो सकती है।

जांच अधिकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने फ्लैट को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।

क्या यह डबल मिस्ट्री केस है?

यह मामला इसलिए भी जटिल हो गया है क्योंकि एक ही घर में दो मौतें हुई हैं—एक आत्महत्या और दूसरी संदिग्ध स्थिति में। अगर मां की मौत पहले हुई है, तो क्या उसका बेटे की आत्महत्या से कोई संबंध है? या फिर यह दो अलग-अलग घटनाएं हैं जो एक ही दिन सामने आईं? इन सवालों के जवाब अभी स्पष्ट नहीं हैं और यही वजह है कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल

यह घटना एक बार फिर से मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को सामने लाती है। अगर वास्तव में राजवीर किसी तनाव या अवसाद से जूझ रहा था, तो यह समाज के लिए एक गंभीर संकेत है। अक्सर लोग अपनी समस्याओं को साझा नहीं करते और अकेले ही संघर्ष करते रहते हैं, जिसका परिणाम कभी-कभी इतना भयावह हो सकता है।

सोसाइटी में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद महागुनपुरम सोसाइटी में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग इस बात से हैरान हैं कि उनके आसपास रहने वाले एक व्यक्ति के जीवन में इतनी बड़ी त्रासदी चल रही थी, जिसका किसी को अंदाजा तक नहीं था।

गाजियाबाद की यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह एक डबल मिस्ट्री केस बन गया है, जिसमें कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। क्या यह पारिवारिक तनाव का परिणाम है? क्या इसमें कोई आपराधिक पहलू छिपा है? या फिर यह महज एक दुखद संयोग है?

इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएंगे। फिलहाल, यह घटना समाज को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपने आसपास के लोगों के मानसिक और भावनात्मक हालात पर भी ध्यान देना चाहिए।

By abhikk102004

News writer covering stories that matter. Abhi KK

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