उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम यंत्र स्थापना कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक महत्वपूर्ण और व्यापक संदेश दिया। उन्होंने वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया के कई हिस्से युद्ध, संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत शांति, आध्यात्मिकता और “राम राज्य” के आदर्श की ओर अग्रसर है।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Photo: ITG)

वैश्विक संकट और भारत की स्थिति

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से United States, Israel और Iran के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक शांति को खतरा पैदा हो रहा है। ऐसे समय में भारत का मार्गदर्शन “वसुधैव कुटुंबकम्” और “राम राज्य” के सिद्धांतों से हो रहा है, जो पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा शांति और सद्भाव का संदेश दिया है और आज भी वही मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है।

राम राज्य की अवधारणा

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में “राम राज्य” की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उनके अनुसार, राम राज्य केवल धार्मिक या पौराणिक विचार नहीं है, बल्कि यह एक आदर्श शासन व्यवस्था का प्रतीक है, जहां न्याय, समानता, सुरक्षा और समृद्धि का संतुलन होता है। उन्होंने कहा कि भगवान Ram के शासनकाल में समाज का हर वर्ग सुरक्षित और संतुष्ट था। आज का भारत भी उसी आदर्श को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है, जहां गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

अयोध्या में आयोजित श्री राम यंत्र स्थापना कार्यक्रम को उन्होंने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है।

Ram Mandir Ayodhya में हो रहे इस तरह के कार्यक्रम देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े हुए हैं। योगी ने कहा कि अयोध्या आज एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रही है, जहां दुनिया भर से लोग दर्शन और प्रेरणा लेने आ रहे हैं।

भारत का आध्यात्मिक नेतृत्व

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत केवल आर्थिक या सैन्य शक्ति के रूप में ही नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक नेतृत्व के रूप में भी दुनिया के सामने खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब दुनिया संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रही है, तब भारत शांति, सह-अस्तित्व और विकास का संदेश दे रहा है। उनके अनुसार, भारत का यह दृष्टिकोण न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ शहर का तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और सुविधाओं के विकास से अयोध्या एक विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह विकास केवल भौतिक नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है, जिसमें भारत अपनी प्राचीन परंपराओं और मूल्यों को पुनर्स्थापित कर रहा है।

सामाजिक समरसता पर जोर

अपने भाषण में योगी ने समाज में एकता और समरसता बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि राम राज्य का सबसे बड़ा आधार सामाजिक सद्भाव है, जहां सभी लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर रहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार का भेदभाव या विभाजन समाज के विकास में बाधा बनता है, इसलिए सभी को मिलकर एक मजबूत और समरस समाज का निर्माण करना चाहिए। अयोध्या में श्री राम यंत्र स्थापना कार्यक्रम के दौरान दिया गया योगी आदित्यनाथ का यह संदेश केवल एक धार्मिक मंच तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें वैश्विक राजनीति, सामाजिक व्यवस्था और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का समावेश था।

जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, तब भारत का “राम राज्य” का आदर्श एक सकारात्मक और प्रेरणादायक दिशा प्रस्तुत करता है। यह संदेश न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है, जो शांति, संतुलन और समृद्धि की तलाश में है।

By abhikk102004

News writer covering stories that matter. Abhi KK

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